बैतूल में विकास की पोल खुली: बीच सड़क पर धंसी स्कूल बस, बाल-बाल बचे मासूम

Today voice से अरुण कुमार बड़ोदे कि ख़ास रिपोर्ट 

बैतूल में विकास की पोल खुली: बीच सड़क पर धंसी स्कूल बस, बाल-बाल बचे मासूम

बैतूल। जिला मुख्यालय पर आज एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। आरडीपीएस (RDPS) स्कूल की एक बस की आवाजाही के दौरान बीच सड़क पर एक गहरा गड्ढा हो गया और सड़क अचानक धंस गई। गनीमत रही कि समय रहते स्थिति को संभाल लिया गया, अन्यथा बच्चों की जान पर बड़ा खतरा मंडरा सकता था। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
वीआईपी क्षेत्र और रसूखदार संस्थान से जुड़ा मामला
स्थानीय नागरिकों और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के अनुसार, यह मामला इसलिए भी तूल पकड़ रहा है क्योंकि यह क्षेत्र और संबंधित स्कूल बस कथित तौर पर क्षेत्र के रसूखदार जनप्रतिनिधि और भाजपा विधायक हेमंत खंडेलवाल के संस्थान से जुड़ी बताई जा रही है। जनता का आरोप है कि एक तरफ जहाँ विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
ठेकेदारों की लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप
घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। नागरिकों का कहना है कि:
घटिया निर्माण कार्य: सड़कों के निर्माण में तकनीकी मानकों की अनदेखी की जा रही है अधिकारियों की चुप्पी: भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों की जुगलबंदी के कारण आम जनता और मासूम बच्चों की जान को जोखिम में डाला जा रहा है।
जवाबदेही का अभाव:
घटना के बाद भी अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की खबर सामने नहीं आई है।
बड़ा सवाल
"अगर इस हादसे में किसी बच्चे को खरोंच आ जाती या कोई बड़ी अनहोनी हो जाती, तो बच्चों की जान की जिम्मेदारी आखिर कौन उठाता? 
क्या प्रशासन केवल किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?" — स्थानीय नागरिक
जनता ने की सख्त कार्रवाई की मांग बैतूल की जनता अब प्रशासन से आर-पार के मूड में है। मांग की जा रही है कि इस सड़क का निर्माण करने वाले ठेकेदार का लाइसेंस तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाए और संबंधित लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच बैठाई जाए। साथ ही, शहर की अन्य मुख्य सड़कों का भी 'क्वालिटी ऑडिट' कराया जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

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