शासकीय विधि महाविद्यालय, बैतूल में महर्षि सांदीपनि गुरु पर्व का गरिमामय आयोजन



Today voice से अरुण कुमार बड़ोदे कि ख़ास रिपोर्ट 

शासकीय विधि महाविद्यालय, बैतूल में महर्षि सांदीपनि गुरु पर्व का गरिमामय आयोजन
बैतूल, 29 जुलाई 2026। आयुक्त, उच्च शिक्षा, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर शासकीय विधि महाविद्यालय, बैतूल में "महर्षि सांदीपनि गुरु पर्व" का आयोजन श्रद्धा, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा, नैतिक मूल्यों एवं भारतीय ज्ञान परंपरा से परिचित कराना तथा गुरु के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता की भावना का विकास करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं महर्षि सांदीपनि के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हर्षवर्धन यादव ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु केवल शिक्षा प्रदान करने वाले शिक्षक नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों के संवाहक एवं समाज के सच्चे पथप्रदर्शक होते हैं। उन्होंने महर्षि सांदीपनि के जीवन एवं आदर्शों का उल्लेख करते हुए बताया कि उनके गुरुकुल में भगवान श्रीकृष्ण, बलराम एवं सुदामा ने शिक्षा प्राप्त की थी। महर्षि सांदीपनि ने शिक्षा को केवल ज्ञानार्जन तक सीमित न रखकर अनुशासन, सेवा, कर्तव्यपरायणता एवं चरित्र निर्माण से जोड़ा। उन्होंने विद्यार्थियों से विधि शिक्षा के माध्यम से न्याय, सत्यनिष्ठा, संवैधानिक मूल्यों तथा मानवीय संवेदनाओं को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर श्री अजय सिंह सिरसाम, सहायक प्राध्यापक ने अपने प्रेरणादायी संघर्षपूर्ण जीवन-प्रवास को विद्यार्थियों के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर परिश्रम, आत्मविश्वास, धैर्य एवं दृढ़ संकल्प के बल पर सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से असफलताओं से निराश न होकर उन्हें सीख के रूप में स्वीकार करते हुए अपने लक्ष्य की ओर सतत प्रयासरत रहने का संदेश दिया। उनके प्रेरक उद्बोधन ने उपस्थित विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाया और उन्हें कठिन परिश्रम एवं सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का प्रभावी एवं गरिमामय मंच संचालन डॉ. चंद्रशीला यादव, विभागाध्यक्ष द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. वीणा चिरोंजे डेहरिया, सहायक प्राध्यापक ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर डॉ. रजनी मार्सकोले (ग्रंथपाल), डॉ. वंदना राहुल (सहायक प्राध्यापक), डॉ. रूपेश जितपुरे (क्रीड़ा अधिकारी) सहित महाविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। राष्ट्रगान एवं सामूहिक छायाचित्र के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

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