नितिन अग्रवाल
बैतूल अब डायल 100 की जगह दौड़ेंगी डायल-112 तुरंत मिलेगी इमरजेंसी हेल्प
मध्यप्रदेश के इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम डायल-100 के अपग्रेड वर्जन डायल 112 की 14 अगस्त को लॉन्चिंग की तैयारी पूरी हो गई है। 15 अगस्त से डायल 100 सेवा को बंद कर नई डायल 112 सेवा शुरू की जाएगी। खास यह है कि 1000 की जगह 1200 गाड़ियों की तैनाती की जाएगी। यह गाड़ियां नई तकनीक से लेस होंगी। रेडियो अधिकारियों के मुताबिक रिस्पांस टाइम कम करने और इसे प्रभावी बनाने के लिए एआइ आधारित ऑटो डिस्पैच तकनीक को लागू किया जाएगा। इससे नंबर बार-बार व्यस्त मिलने की समस्या नहीं होगी।
कॉल हैंडलर की संख्या में होगा इजाफा
आपातकाल नंबर पर दिनभर में प्रदेश से हजारों फोन कॉल प्रतिदिन आते हैं। ऐसे में जनता की शिकायत रहती है कि इमरजेंसी में फोन करने पर नंबर बार बार व्यस्त आता है। ऐसे में कॉल हैंडलर और डिस्पैचर सीटों की संख्या में भी इजाफा किया जाएगा। कॉल हैंडलर की संख्या 100 की जाएगी और डिस्पैचर सीटों की संया 24 से बढ़ाकर 40 की जाएगी। गोपनीयता रखने कॉलर नंबर मास्किंग की तकनीक को भी लागू किया जाएगा
शहर और गांव के लिए अलग-अलग गाड़ियां
शहर और गांवों के लिए अलग- अलग गाड़ियां खरीदी गई हैं, क्योंकि शहरी क्षेत्र में कम ग्राउंड क्लीयरेंस की गाड़ियों से भी काम चलाया जा सकता है। ग्रामीण इलाकों में पुलिस को ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस वाली गाड़ियों की जरूरत होती है। 1200 गाड़ियों में करीब 500 गाड़ियां ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस वाली खरीदी गई हैं, लेकिन जिलों में गाड़ियां किस आधार पर बांटी जाएंगी इसका फैसला फिलहाल नहीं किया गया है।
इसके अंतर्गत विभिन्न नागरिक सेवाओं को एक नंबर के साथ इंट्रीगेट किया गया है। प्रदेश में जनसुरक्षा के लिए डायल 100 के स्थान पर अब डायल 112 को एकल एजेंसी आधारित सेवा बनाया गया है। पूरे प्रदेश में यह सेवा शुरू की जा रही है। इसमें कॉल करने वाले की लोकेशन भी जीपीएस से ट्रैक की जा सकेगी।
एमपी में डायल 100 सेवा पिछले 10 सालों से जारी है। इसके स्थान पर डायल 112 सेवा शुरु की गई है। इसमें भारत सरकार की आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली की परिकल्पना के अनुरूप अधिकांश जरूरी नागरिक सेवाओं को सम्मिलित कर दिया गया है।
न्याय की आवाज़, जनता के साथ — आपके अपने शहर से।”नितिन अग्रवाल की खास रिपोर्ट ,,
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