नितिन अग्रवाल
कार वॉश सेंटर और गैराज में काम कर रहे नाबालिग बच्चों का किया रेस्क्यू बालश्रम के खिलाफ बैतूल में प्रदीपन संस्था की बड़ी कार्रवाई
श्रम विभाग और पुलिस की मदद से 10 बच्चों को तुरंत दिलाई मुक्ति
बैतूल। जिले में पिछले तीन वर्षों से प्रदीपन संस्था ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की बस्तियों में बच्चों को बालश्रम, बालविवाह और बाल यौन शोषण से बचाने तथा उन्हें शिक्षा से जोड़ने के लिए लगातार अभियान चला रही है। हाल ही में प्रदीपन संस्था के कार्यकर्ताओं ने श्रम विभाग और पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर शहर के सदर क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान कार वॉश सेंटर और गैराज में बहुत कम मजदूरी पर काम कर रहे नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया गया। संस्था ने केवल दो दिनों में 19 बालश्रमिक बच्चों की पहचान की, जिनमें से 10 बच्चों को श्रम विभाग के सहयोग से मुक्त कराया गया। इन बच्चों को अब स्कूलों से जोड़े जाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
प्रदीपन संस्था की निदेशक श्रीमती रेखा गुजरे ने बताया कि संस्था एक्सेस टू जस्टिस के सहयोग से जिले में बालश्रम उन्मूलन के लिए कार्य कर रही है। बच्चों को शोषण से मुक्त कर उनका बचपन लौटाना और उन्हें सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करना ही संस्था का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि बालश्रम बच्चों का शोषण है और यह उनके शिक्षा, विकास और सुरक्षा के अधिकारों से वंचित करता है। यह पूरी तरह गैरकानूनी अपराध है।
- सरकारी योजनाओं के बावजूद बालश्रम जारी
उन्होंने बताया कि अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के तहत सरकार ने गरीब बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन, निशुल्क पुस्तकें, यूनिफार्म और बालिकाओं के लिए साइकिल योजना जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इन प्रावधानों का उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न हो। लेकिन इसके बावजूद जिले के कई इलाकों में नाबालिग बच्चे कार वॉश सेंटर, गैराज, होटल और छोटे उद्योगों में काम करते दिखाई दे रहे हैं। संस्था के कार्यकर्ता इन बच्चों के परिवारों से मुलाकात कर यह समझने का प्रयास करेंगे कि उन्हें बच्चों से मजदूरी करवाने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। साथ ही उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़कर आर्थिक मदद दिलाने का भी प्रयास किया जाएगा, ताकि बच्चे फिर से पढ़ाई की राह पर लौट सकें।
न्याय की आवाज़, जनता के साथ — आपके अपने शहर से।”नितिन अग्रवाल की खास रिपोर्ट ,,
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