✍️ नितिन अग्रवाल
बैतूल। कड़ाके की ठंड के बीच खेड़ी सावलीगढ़ स्थित पुण्य सलिला सूर्य पुत्री ताप्ती नदी के घाट तट पर गुरूदेव नंदकिशोर श्रीमाली के शिष्यों द्वारा दिव्य पारमार्थिक अनुष्ठान सम्पन्न हुआ। यह विशेष आध्यात्मिक आयोजन 2, 3 और 4 जनवरी तीन दिन लगातार आयोजित रहा समापन पर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। गुरूदेव नंदकिशोर श्रीमाली के स शिष्य साधकगण निखिल मंत्र विज्ञान परिवार द्वारा 11 लाख गुरुमंत्र जप के साथ पुन्य सलीलाताप्ती तट पर नववर्ष मनाया गया। इस विशिष्ट आध्यात्मिक अनुष्ठान के 23 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं।
नितिन अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अनुष्ठान का उद्देश्य साधकगण के स्व-कल्याण के साथ-साथ जनकल्याण और प्रकृति की अमूल्य देन बैतूल की धरोहर मां ताप्ती नदी के संरक्षण एवं संवर्धन के बढ़ावे के साथ साथ अध्यात्मीक व वैज्ञानिक महत्व को विस्तारित करना है इस दौरान तेज और ऊर्जा प्रदान करने वाले सूर्य देवता के परिवार के रूप में पुत्र शनिदेव, पुत्री तापहरिणी ताप्ती जी तथा शिष्य पवनसूत हनुमान जी का दिव्य पूजन किया गया। इसके साथ ही सर्व मनोकामना के दाता पार्थिव शिवलिंग पूजन भी विधिविधान से सम्पन्न हुआ। इस आयोजन के माध्यम से समाज में पूर्ण र्धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण का दिव्य संयोग बना तथा समस्त प्राणी जगत को नववर्ष में अध्यात्म के मार्ग पर चलते हुए जीवन को सुंदर बनाने का संदेश दिया गया। इस आयोजन में सहयोग करने वालों में प्रशान्त गर्ग, राजीव खंडेलवाल, भूता सिंह बडौदे, गोकुल पवार, संतोष कावड़कर, रूसीलाल यादव, गणेश साहू, निश्चल कमाविसदार, पंजाब चिल्हाटे, संतोष मालवी, पारस मालवी, सुधाकर नागले, दिलीप सुरेश साहू,मनीष नारे ,अमरसिंग विश्वकर्मा, बबलू पवार, रवि विजयकर, संतोष कवडकर, सरदार धुर्वे, नीतेश धुर्वे, रामसिंग इवने, चिंद्या बर्डे, रघुनाथ लोखण्डे, अशोक नावंगे, तरुण साहू, लड्डू राठौर, रंजीत यादव, रामदास चौहान, मंचित लोखण्डे, उदय मालवी, आशा अग्रवाल, युवराज विश्वकर्मा, रामसिंग इवने, अनिल बत्रा, रीता धुर्वे, नितिन काकोड़िया, जीवन धुर्वे, रामकली इवने, सरस्वती वाड़ीवा, रीता सातनकर, दिलीप कुयटे, शारदा धुर्वे, ,रून्दु धूर्वे ,गणेश घोघरकर, सेवंती विश्वकर्मा शामिल रहे। इसके अलावा महाराष्ट्र से गोपाल पवार और प्रकाश नंदवंशी, छिंदवाड़ा से संतोष लांजीवार और रमेश कवड़े तथा इटारसी से प्रकाश शर्मा, नानू यादव, मनीष भगत और जगदीश कुबड़े भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर हर्षा मनोज अग्रवाल ने सभी सहयोगी साधक, गुरु भाई-बहनों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।



0 टिप्पणियाँ