एक समागम की सफलता के बाद अब दूसरे ऐतिहासिक महाकुंभ के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू

Today voice से अरुण कुमार बड़ोदे कि ख़ास रिपोर्ट 

एक समागम की सफलता के बाद अब दूसरे ऐतिहासिक महाकुंभ के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू 

 *संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में मनेगा संत गरीबदास जी का 300वां बोध दिवस* 
 *बैतूल, मध्य प्रदेश|* आध्यात्मिक जगत में इन दिनों मध्य भारत के जिले बैतूल में स्थित सतलोक आश्रम, चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अभी संत रामपाल जी महाराज के बोध दिवस समागम की भव्यता की गूँज थमी भी नहीं थी कि आश्रम में एक और ऐतिहासिक उत्सव की तैयारियाँ युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। आगामी गुरुवार से यहाँ संत गरीबदास जी महाराज (छुड़ानी वाले) का 300वां बोध दिवस अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। जिसके लिए आश्रम में जोरदार तैयारियां चल रही है, फोर लाइन से आश्रम तक संगत के आने के लिए बिछायत की जा रही है, पूरे आश्रम को लाइटिंग द्वारा सजाया जा रहा है, संगत के आने के लिए भव्य प्रवेश द्वार बनाएं जा रह है। आश्रम के चारों तरफ कबीर साहेब जी के स्वरूप व वाणियो के फ्लेक्स लगाए जा रहे है।
यह दिवस उस पावन स्मृति को समर्पित है, जब 300 वर्ष पूर्व फाल्गुन मास में परमेश्वर कबीर साहेब ने 10 वर्षीय बालक गरीबदास जी को दर्शन देकर उन्हें 'सतलोक' का भ्रमण कराया था और पूर्ण तत्वज्ञान (बोध) प्रदान किया था। इसी उपलक्ष्य में जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के सान्निध्य में यह तीन दिवसीय समागम आयोजित हो रहा है।
पिछले समागम के तुरंत बाद, बिना किसी विश्राम के हजारों सेवादार पुनः अपनी ड्यूटियों पर मुस्तैद हो गए हैं। विशाल वाटरप्रूफ पंडालों की सजावट, पार्किंग व्यवस्था और लाखों श्रद्धालुओं के लिए रुकने के प्रबंध पूरे किए जा चुके हैं।
मंगलवार सुबह से ही शुद्ध देसी घी से निर्मित मोहनभोग, लड्डू, जलेबी और पूड़ी-सब्जी का प्रसाद तैयार करने के लिए हलवाई सेवादार मोर्चा संभाल लेंगे। गुरुवार से संत गरीबदास जी महाराज की अमृत वाणी से पूरा आश्रम गुंजायमान हो जाएगा।
संत रामपाल जी महाराज के इस समागम की सबसे बड़ी खूबी इसका सामाजिक सरोकार है। यहाँ अमर ग्रंथ साहिब के पाठ के साथ-साथ कुरीतियों पर कड़ा प्रहार देखने को मिलेगा।
दर्जनों जोड़े बिना किसी बैंड-बाजे और बिना किसी लेन-देन के मात्र 17 मिनट में गुरुवाणी के बीच विवाह बंधन में बंधेंगे।
 मानवता की सेवा में हजारों भक्त रक्तदान करेंगे और मृत्यु उपरांत शरीर दान करने का संकल्प लेंगे। इसके साथ ही सतलोक आश्रम में आध्यात्मिक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी जिसमें संत गरीबदास जी महाराज की लीलाओं पर आधारित चित्र के माध्यम से श्रद्धालुओं को उनसे परिचित कराया जाएगा।
गुरुवार सुबह से 'अमर ग्रंथ साहिब' का अखंड पाठ शुरू होगा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाएगा। 
आश्रम के सेवादारों ने बताया कि वास्तव में वही संत पूर्ण कहलाता है जो केवल उपदेश न दे, बल्कि अपने ज्ञान को आचरण में उतारकर समाज को नई दिशा दे, जो कुरीतियों और पाखंड को समाप्त करने का प्रयास करे और साधकों को मोक्षमार्ग की ओर अग्रसर करे।
वर्तमान में संत रामपाल जी महाराज पवित्र धर्मग्रंथों के आधार पर अपने आध्यात्मिक विचार प्रस्तुत कर रहे हैं। उनके अनुसार पूर्ण परमेश्वर कबीर साहेब हैं और उनकी सद्भक्ति से साधकों को आध्यात्मिक, मानसिक और सामाजिक लाभ प्राप्त होते हैं। अतः इस पावन पापनाशक भंडारे में आकर पुण्य लाभ प्राप्त करें।

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