जंगल में लगी आग से पेड़ हुआ खाक वही लगा सड़कपर जाम अधिकारी ने फोन रिसीव नहीं किया बेपरवाह अधिकारी
बैतूल जिले के दक्षिण वनमंडल के ताप्ती परिक्षेत्र अंतर्गत कोटमी बीट में जंगल में लगी आग ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आग इतनी भीषण थी कि एक बड़ा पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। घंटों तक लोग रास्ते में फंसे रहे, लेकिन जिम्मेदारों का कहीं अता-पता नहीं था। वहीं वन परिक्षेत्र सहायक केरपानी को कॉल करने पर उन्होंने ने कॉल नहीं उठाया
इससे यह पता चलता है कि वन परिक्षेत्र कर्मचारी किस तरह से अपनी ग़ैर जिम्मेदारी में प्रशासन को गुमराह करते है।
ग्रामीणों का आरोप है कि वन रक्षक का आवास अधिकांश समय बंद रहता है और महीने में महज 4 से 6 दिन ही खुलता है। ऐसे में जंगल की सुरक्षा भगवान भरोसे है। स्थानीय लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “जब रक्षक ही गायब हैं तो जंगल सुरक्षित कैसे रहेगा?”
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निगरानी और गश्त होती, तो आग पर काबू पाया जा सकता था और सड़क अवरुद्ध नहीं होती। ग्रामीणों ने वन विभाग की कथित लापरवाही पर आक्रोश जताते हुए नियमित उपस्थिति और सख्त निगरानी की मांग की है।
घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या वन विभाग केवल कागजों में सक्रिय है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयान कर रही है?
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