परीक्षा के समय अंधेरे में डूबा ग्राम डोक्या, 48 घंटों से बिजली गुल

Today voice से अरुण कुमार बड़ोदे कि ख़ास रिपोर्ट 

परीक्षा के समय अंधेरे में डूबा ग्राम डोक्या, 48 घंटों से बिजली गुल

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से बडी खबर जहां मध्य प्रदेश सरकार जहाँ शासन-प्रशासन बच्चों की बेहतर शिक्षा और परीक्षाओं के लिए उचित माहौल देने के दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर बिजली वितरण केंद्र खेड़ीसावलीगढ़' के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत डोक्या के ग्रामीण पिछले दो दिनों से अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
एग्जाम के समय बढ़ा संकट
विधि महाविद्यालय में अध्यनरत छात्र  छात्र अरुण कुमार बड़ोदे ने बताया कि उनके एग्जाम चल रहे उस बीच बिजली कर्मचारी द्वारा बिजली बंद कर दी जब की छात्र ने बताया के उनके द्वारा कोई लंबित राशि बकाया नहीं है
ग्रामीणों का कहना ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में बच्चों की वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। दिनभर की तपिश के बाद रात को पढ़ाई करने के लिए बच्चों के पास रोशनी का कोई साधन नहीं है। मिट्टी के तेल की कमी और मोमबत्तियों के सहारे बच्चे जैसे-तैसे पढ़ाई करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे उनकी आंखों और भविष्य पर विपरीत असर पड़ रहा है।विभाग की लापरवाही से ग्रामीण आक्रोशित डोक्या के निवासियों ने बताया कि बिजली गुल हुए 48 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन वितरण केंद्र खेड़ीसावलीगढ़' के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बार-बार  शिकायत करने के बावजूद केवल आश्वासन मिल रहा है।
"दो दिन से बिजली नहीं है। बच्चों के पेपर चल रहे हैं, लेकिन अंधेरे के कारण वे रिवीजन नहीं कर पा रहे हैं। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो हम बिजली कार्यालय का घेराव करेंगे।" साथ ही बैतूल परतवाड़ा हाईवे पर चक्का जाम करेंगे 
 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ