✍️ नितिन अग्रवाल
बैतूल अग्रवाल समाज महिला मंडल के द्वारा आस्था, परंपरा और नारी शक्ति का अद्भुत संगम: बैतूल में धूमधाम से मना गणगौर महोत्सव, निकली भव्य शोभायात्रा
बैतूल जिले में गणगौर महोत्सव श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य रूप से मनाया गया। अग्रवाल समाज महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती मंजू गर्ग ने बताया कि गणगौर केवल एक पर्व नहीं, बल्कि नारी आस्था, प्रेम, समर्पण और शक्ति का जीवंत प्रतीक है।
चैत्र शुक्ल तृतीया के पावन अवसर पर महिलाओं ने विधि-विधान से माता गौरी और भगवान शिव (ईसर) की पूजा-अर्चना की। विवाहित महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की, वहीं अविवाहित युवतियों ने मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए व्रत रखकर माता पार्वती से आशीर्वाद मांगा।
महोत्सव के अंतर्गत शाम 6:00 बजे गंज स्थित श्री कृष्ण मंदिर से भव्य गणगौर शोभायात्रा निकाली गई। पारंपरिक वेशभूषा में सजी-धजी महिलाएं सिर पर गणगौर की प्रतिमाएं लेकर भक्ति गीतों के साथ चल रही थीं। यात्रा में लोकगीत, ढोल-नगाड़ों की गूंज और घूमर नृत्य ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
यह शोभायात्रा श्री कृष्ण मंदिर गंज से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए राधा कृष्ण मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। मार्ग में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया और मां गौरी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
महोत्सव से एक दिन पूर्व ‘सिंजारा’ भी पूरे उत्साह के साथ मनाया गया, जिसमें विवाहित महिलाओं को उनके मायके से वस्त्र, गहने और मेहंदी भेंट स्वरूप प्राप्त हुए। श्रीमती मंजू गर्ग ने बताया कि गणगौर पर्व माता गौरी की मायके से ससुराल विदाई का प्रतीक है, जिसे हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
समग्र रूप से, बैतूल में मनाया गया गणगौर महोत्सव नारी श्रद्धा, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा, जिसने पूरे शहर को भक्ति और उल्लास के रंग में रंग दिया।

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