मुलताई में दलित छात्रा से मारपीट व जातिगत अपमान का मामला, FIR के बाद भी कार्रवाई नहीं

Today voice से अरुण कुमार बड़ोदे कि ख़ास रिपोर्ट 

मुलताई  में दलित छात्रा से मारपीट व जातिगत अपमान का मामला, FIR के बाद भी कार्रवाई नहीं
बैतूल/मुलताई,  – दिनांक 24 अप्रैल 2026 को पट्टन रोड स्थित गुरु साहब वार्ड में एक गंभीर घटना सामने आई, जिसमें एक दलित छात्रा नीतू हारले के साथ उसके पड़ोसियों द्वारा मारपीट और जातिसूचक गालियों का आरोप लगाया गया है।
पीड़िता, जो जेएच कॉलेज बैतूल से एमए की छात्रा है, छात्रा ने बताया कि सुबह लगभग 10 बजे पड़ोसी गोलू दरवाई एवं उसकी मां गुंता दरवाई ने नाली विवाद को लेकर उसके घर के सामने आकर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की।
आरोप है कि गोलू दरवाई ने पीड़िता का गला दबाने का प्रयास किया, जबकि गुंता दरवाई ने डंडे एवं पत्थर से हमला कर उसे गंभीर चोटें पहुंचाईं। बीच-बचाव करने आई उसकी मां एवं बहन के साथ भी मारपीट की गई।
घटना के बाद पीड़िता ने थाना मुलताई में FIR दर्ज कराई, लेकिन अब तक किसी प्रकार की गिरफ्तारी या ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। आरोपी गोलू दरवाई पेशे से ट्रक ड्राइवर बताया जा रहा है।

पीड़िता का कहना
 है कि पुलिस की इस निष्क्रियता से आरोपी के हौसले बुलंद हैं और उसे व उसके परिवार को लगातार भय बना हुआ है। पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की जल्द गिरफ्तारी कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए

पीड़िता ने प्रशासन से SC/ST Act एवं IPC की गंभीर धाराओं में संभावित लागू धाराएं:SC/ST Act की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए
SC/ST Act, 1989:

धारा 3(1)(r) – किसी अनुसूचित जाति/जनजाति के सदस्य को सार्वजनिक रूप से जातिसूचक शब्दों से अपमानित करना
धारा 3(1)(s) – जाति के आधार पर गाली-गलौज व अपमान करना
धारा 3(2)(va) – IPC के साथ संयुक्त रूप से गंभीर अपराध करना

IPC धाराएं 

धारा 323 – जानबूझकर चोट पहुंचाना
धारा 324 – खतरनाक हथियार/वस्तु से चोट पहुंचाना
धारा 341 – अवैध रोक (wrongful restraint)
धारा 354 – महिला की गरिमा भंग करने का प्रयास (यदि लागू हो)
धारा 506 – जान से मारने की धमकी देना
धारा 34 – समान उद्देश्य से की गई संयुक्त आपराधिक कार्रवाई तत्काल कार्रवाई, आरोपियों की गिरफ्तारी तथा सुरक्षा की मांग की है।
प्रकरण अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है, क्योंकि पीड़िता को उसकी जाति के आधार पर अपमानित किया गया, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया एवं शारीरिक हमला किया गया। यह मामला क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
पीड़िता एवं स्थानीय समाज के लोगों ने कहा है कि यदि आरोपी गोलू दरवाई के विरुद्ध शीघ्र गिरफ्तारी एवं सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन के समक्ष विरोध दर्ज कराएंगे और न्याय की मांग करेंगे।

पीड़िता एवं स्थानीय समाज के लोगों ने कहा है कि यदि आरोपी गोलू दरवाई के विरुद्ध शीघ्र गिरफ्तारी एवं सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन के समक्ष विरोध दर्ज कराएंगे और न्याय की मांग करेंगे।
लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए SC/ST Act एवं संबंधित धाराओं के तहत तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनी रहे।

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