कड़कती धूप में बूंद-बूंद पानी को तरसे ग्रामीण: ग्राम पंचायत डोक्या में महीनों से ठप पड़ी नल-जल योजना, PHE विभाग और पंचायत मौन

कड़कती धूप में बूंद-बूंद पानी को तरसे ग्रामीण: ग्राम पंचायत डोक्या में महीनों से ठप पड़ी नल-जल योजना, PHE विभाग और पंचायत मौन

विशेष संवाददाता, [अरूण कुमार बड़ोदे ]

भीमपुर / डोक्या  एक तरफ जहां सरकार हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाने के लिए 'जल जीवन मिशन' जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं चला रही है, वहीं जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलटा है। ग्राम पंचायत डोक्या में पिछले कई महीनों से सरकारी दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। यहाँ नल-जल योजना की मोटर खराब होने के कारण पूरा गांव पानी की बूंद-बूंद के लिए मोहताज हो चुका है।
कड़कती धूप में मीलों का सफर करने को मजबूर ग्रामीण
नौतपा और भीषण गर्मी के इस दौर में, जहाँ तापमान आसमान छू रहा है, डोक्या गांव के बाशिंदे पानी के इंतजाम के लिए सुबह से ही काम पर लग जाते हैं। गांव की महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को इस चिलचिलाती धूप में सिर पर बर्तन रखकर पानी लाने के लिए दूसरे गांवों या दूर-दराज के खेतों में लगे कुओं और ट्यूबवेलों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पानी के इंतजाम में ही उनका आधा दिन निकल जाता है, जिससे उनके रोज़गार और बच्चों की पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
PHE विभाग और पंचायत पर गुमराह करने का आरोप
ग्रामीणों में स्थानीय प्रशासन और लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (PHE) विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि मोटर खराब होने की शिकायत कई बार ग्राम पंचायत और पीएचई विभाग के चक्कर काटकर की जा चुकी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि केवल कोरा आश्वासन दे रहे हैं। ग्रामीणों को हर बार "आज काम हो जाएगा, कल मोटर सुधर जाएगी" कहकर गुमराह किया जा रहा है, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस भीषण गर्मी को देखते हुए जल्द से जल्द नई मोटर की व्यवस्था कर पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की, तो वे उग्र आंदोलन करने और जिला मुख्यालय का घेराव करने के लिए मजबूर होंगे।
ग्रामीणों का पक्ष:
"गाँव में महीनों से पानी नहीं आ रहा है। इस तपती धूप में हमें दूसरे गाँवों से पानी ढोना पड़ रहा है। पंचायत और अधिकारी हमारी सुनने को तैयार नहीं हैं, हमें सिर्फ गुमराह किया जा रहा है।"

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