Big breaking News - Dengue is increasing havoc in Madhya Pradesh, woman policeman dies during dengue treatment, Superintendent of Police pays tribute at home
Big breaking News - मध्यप्रदेश में डेंगू का बढ़ रहा है कहर, महिला पुलिसकर्मी की डेंगू के उपचार के दौरान मौत पुलिस अधीक्षक ने घर जाकर दी श्रद्धांजलि
जबलपुर। मध्यप्रदेश में डेंगू का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है मध्य प्रदेश के केवल जबलपुर में ही 400 से ज्यादा डेंगू के मरीज सामने आए हैं यदि माने तो अब जबलपुर में डेंगू अनकंट्रोल हो चला है। डेंगू के इस कहर ने आज मध्य प्रदेश पुलिस की एक महिला पुलिसकर्मी की जिंदगी छीन ली । रविवार को डेंगू से पुलिस कंट्रोल रूम में पदस्थ महिला पुलिस कर्मी ऊषा तिवारी की मौत हो गई। 55 साल की उषा तिवारी को डेंगू की पुष्टि होने पर निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था। दरअसल उषा तिवारी ने 10 तारीख को डॉक्टर की सलाह पर डेंगू का टेस्ट कराया था जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव निकली थी। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर 11 तारीख को उषा निजी अस्पताल में भर्ती हुई और आज उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
एसपी ने घर जाकर दी श्रद्धांजलि व परिवार को सांत्वना
उषा तिवारी की मौत की खबर पाकर पुलिस महकमा सदमे में है। इस बात की खबर जब पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा को लगी तो वह मृतक महिला पुलिसकर्मी के घर पहुंचे और उनको श्रद्धा सुमन अर्पित किए। एसपी ने महिला के परिवार को सांत्वना दी और ईश्वर से दुखी परिवार को इस दुख की घड़ी से उभरने की कामना की।
मृतका के बेटा और बेटी को भी डेंगू से हो चुके पिड़ित
पाढको को बता दें कि इससे पहले मृतक महिला पुलिसकर्मी के बेटे और बेटी को भी डेंगू हुआ था लेकिन दोनों ठीक हो चुके हैं। पहले उनका बेटा लकी तिवारी बीमार हुआ। उसकी रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब वह ठीक हो चुका है। इसके बाद ऊषा तिवारी खुद और बेटी स्नेहल तिवारी डेंगू की चपेट में आ गईं। दोनों अस्पताल में भर्ती थीं। ऊषा तिवारी की रविवार को मौत हो गई। वहीं, बेटी की हालत अब ठीक बताई जा रही है
डेंगू का आंकड़ा 400 के पार
केवल जबलपुर शहर में डेंगू का आंकड़ा 400 के पार हो चुका है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग अब तक हरकत में नहीं आया है। कीटनाशक छिड़काव होने की से बात की जा रही है लेकिन तमाम जगहो पर अभी भी कीटनाशक छिड़काव की टीम नहीं पहुंची है। डेंगू का ही नहीं बल्कि चिकनगुनिया और मलेरिया के केस भी बढ़ने लगे हैं। अगर यही हालत रहे तो डेंगू से मौत का आंकड़ा बढ़ने वक्त नहीं लगेगा।
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