नितिन अग्रवाल
, Breaking News- बैतूल “रेफर पर्ची में इलाज पूरा, हकीकत में सिर्फ दिखावा! चिचोली स्वास्थ्य केंद्र की घोर लापरवाही से नाबालिग की जान पर बन आई”
कुछ माह पहले प्रभात पट्टन में भी इसी तरह की अनदेखी एक युवक की जान ले चुकी है।
बैतूल चिचोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला चिचोली थाना क्षेत्र के ग्राम गोदना का है, जहां 17 वर्षीय नाबालिग बालक ने अज्ञात कारणों के चलते घर में अकेला होने पर कीटनाशक का सेवन कर लिया।
परिजन तत्काल उसे चिचोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। लेकिन यहां जो हुआ, वह बेहद चिंताजनक है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में सिर्फ औपचारिकता निभाई गई। बालक की हालत नाजुक होने के बावजूद कथित रूप से गैस्ट्रिक लवेज की प्रक्रिया पूरी तरह नहीं की गई और उसे गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल बैतूल रेफर कर दिया गया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि रेफर पर्ची में गैस्ट्रिक लवेज किए जाने का उल्लेख किया गया, जबकि परिजनों का कहना है कि केवल नली डालकर बिना किसी मशीन या उचित प्रक्रिया के उसे निकाल लिया गया और रेफर कर दिया गया।
अगर बैतूल जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने परिजनों से विस्तृत जानकारी न ली होती और सिर्फ रेफर पर्ची पर भरोसा कर लिया होता, तो बालक की जान पर गंभीर खतरा बन सकता था। फिलहाल बालक का उपचार बैतूल जिला चिकित्सालय में जारी है और उसकी हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
यह पहली बार नहीं है जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की लापरवाही सामने आई हो। कुछ माह पहले प्रभात पट्टन में भी इसी तरह की अनदेखी एक युवक की जान ले चुकी है।
अब सवाल यह है कि आखिर ऐसी लापरवाही पर जिम्मेदारों के खिलाफ कब कार्रवाई होगी? क्या स्वास्थ्य विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करेगा, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की जांच और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की

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