Today voice से अरुण कुमार बड़ोदे कि ख़ास रिपोर्ट
चिचोली/आज के दिन गुरुवार को गुरु साहब बाबा मंदिर परिसर मलाजपुर में शोक का कारण: पूजनीय महंत बाबा श्री चंद्र सिंह जी का ब्रह्मलीन होना श्रद्धांजलि: जिले से संगत और गणमान्य लोग जता रहे हैं शोक
आध्यात्मिक चेतना के स्तंभ और गुरु साहब मंदिर के छठे महंत, परम पूजनीय बाबा श्री चंद्र सिंह जी महंत का गुरुवार दोपहर 3 बजे दुखद निधन हो गया है। उनके महाप्रयाण की खबर मिलते ही समूचे क्षेत्र और बैतूल जिले में बसे उनके अनुयायियों में शोक की लहर दौड़ गई है।बाबा श्री चंद्र सिंह जी पिछले लंबे समय से गुरुसाहब मंदिर के मुख्य सेवादार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनके कार्यकाल में मंदिर ने न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक और परोपकारी कार्यों में भी अभूतपूर्व योगदान दिया। मानवता की सेवा, दीन-दुखियों की सहायता और गुरुबाणी व संतों के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना ही उनके जीवन का एकमात्र ध्येय था।
संगत में शोक, अंतिम दर्शनों के लिए उमड़ी भीड़
बाबा जी के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शनों के लिए गुरु साहब मंदिर परिसर में रखा गया है, जहाँ सुबह से ही रोती-बिलखती संगत और विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग उनके अंतिम दर्शन करने और अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे हैं। स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
अंतिम संस्कार एवं अरदास
मंदिर प्रबंधन समिति के प्रवक्ताओं के अनुसार, बाबा जी का अंतिम संस्कार शुक्रवार 5 जून को किया जाएगा । इसके उपरांत, उनकी आत्मिक शांति के लिए विशेष अरदास और भोग साहिब का आयोजन किया जाएगा, जिसकी और अधिक सूचना जल्द ही संगत को विस्तार से दी जाएगी।प्रमुख हस्तियों ने जताया दुख
बाबा जी के निधन पर विभिन्न धार्मिक गुरुओं, राजनेताओं और सामाजिक संस्थाओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी का मानना है कि बाबा जी का जाना आध्यात्मिक जगत के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा। वे अपने पीछे त्याग, तपस्या और प्रेम का जो मार्ग छोड़ गए हैं, वह आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करता रहेगा।
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