बैतूल जेसीबी से नाली निर्माण पर उठे सवाल: सुरक्षा इंतजामों के बिना चल रहा काम, विशाल बडौदे ने मांगी जांच

 अरूण बड़ोदे 


जेसीबी से नाली निर्माण पर उठे सवाल: सुरक्षा इंतजामों के बिना चल रहा काम, विशाल बडौदे ने मांगी जांच


सारड़ (बैतूल) | अरुण कुमार बड़ोदे की खास रिपोर्ट


ग्राम पंचायत सारड़ के वार्ड क्रमांक 4 में चल रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामीण हितैषी विशाल बडौदे ने निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मुद्दा उठाते हुए प्रशासन से जांच की मांग की है।


विशाल बडौदे का आरोप है कि पंचायत द्वारा नाली निर्माण कार्य मजदूरों के माध्यम से कराए जाने के बजाय जेसीबी मशीन से कराया जा रहा है, जिससे निर्माण प्रक्रिया की पारदर्शिता और नियमों के पालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास कार्यों में निर्धारित मानकों का पालन होना चाहिए और मशीनों के अत्यधिक उपयोग से श्रमिकों के रोजगार पर भी असर पड़ता है।


प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क मार्ग के किनारे निर्माण, बढ़ा हादसों का खतरा

उन्होंने बताया कि नाली निर्माण कार्य प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के मार्ग के समीप किया जा रहा है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों और वाहन चालकों का आवागमन होता है। इसके बावजूद निर्माण स्थल पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि खुले निर्माण स्थल के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है।

“हादसा हुआ तो पंचायत होगी जिम्मेदार”

विशाल बडौदे ने पंचायत प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सुरक्षा इंतजामों के अभाव में कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत सारड़ की होगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता, प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्थाओं की तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

एक सप्ताह में कार्य पूरा होने का दावा

वहीं ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि नाली निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है और आगामी एक सप्ताह के भीतर इसे पूर्ण कर दिया जाएगा।

हालांकि, विशाल बडौदे का कहना है कि विकास कार्य केवल समय पर पूरा होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसमें गुणवत्ता, पारदर्शिता और जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के हितों से जुड़े मुद्दों पर वे आगे भी आवाज उठाते रहेंगे।

ग्रामीणों की निगाहें अब प्रशासनिक कार्रवाई पर

नाली निर्माण कार्य को लेकर उठे सवालों के बाद अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं। देखना होगा कि संबंधित विभाग मामले की जांच कर आवश्यक कदम उठाता है या नहीं। फिलहाल, सुरक्षा व्यवस्थाओं के अभाव और निर्माण प्रक्रिया को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

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